स्वरोजगार ट्रेनिंग के लिए सम्पर्क करे ! आइये सीखे हुनर!
मुसीबत के वक्त किसी महिला व लड़की को मदद के लिए किसी दूसरे के आगे हाथ न फैलाना पड़े, इस मकसद के साथ एक सर्जनशीला सेवा समिति के अध्यक्ष शिवम् भरद्वाज जी ने हुनर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोलकर सैकड़ों महिलाओं की जिंदगी बदल दी। सर्जनशीला सेवा समिति के अध्यक्ष शिवम् भरद्वाज जी के नेतृत्व में अधिक महिलाएं व लड़कियां सिलाई, कढ़ाई व फैशन डिजाइनिंग की कला में महारात हासिल कर स्वरोजगार अपनाकर अब खुशहाल जिंदगी बीता रही हैं। इन महिलाओं में ज्यादातर ऐसी थी, जिनके परिवार के पुरुष सदस्य किसी न किसी गंभीर बीमारी की चपेट में आकर बेड पर थे। इसकी वजह से वह घर चलाने के लिए दूसरों पर आश्रित थी, लेकिन, हुनर के पंख लगते ही इन महिलाओं ने उड़ान भरी और परिवार की जिम्मेदारियों को संभाला।
सर्जनशीला सेवा समिति के अध्यक्ष शिवम् भरद्वाज जी बताते है कि जरूरतमंद महिलाओं व लड़कियों को हुनरमंद बनाने का मिशन एक साल पहले शुरू हुआ। इस मिशन को शुरू करने के पीछे भी एक बड़ी वजह थी। एक नूर सेवा केंद्र जरूरतमंद व गरीब मरीजों के इलाज के लिए जाना जाता है। उन्होंने देखा कि केंद्र पर पास इलाज के लिए आने वाले ज्यादातर मरीजों की हालत बेहद दयनीय होती है। परिवार के पुरुष सदस्य के बीमार होने के बाद महिलाओं के लिए परिवार का पालन पोषण करना बेहद कठिन हो जाता है, क्योंकि इनमें से बहुत सी महिलाओं का जीवन तो घर का चूल्हा-चौका संभालने में ही बीता होता है और बाहर काम करने का अनुभव नहीं होता। ऐसे में उन्होंने एनजीओ के सदस्यों के साथ विमर्श करके साल 2016 में वुमेन इंपावरमेंट के तहत इस तरह की महिलाओं को हुनर देकर आत्मनिर्भर बनाने का मिशन शुरू किय
सर्जनशीला सेवा समिति के अध्यक्ष शिवम् भरद्वाज जी बताते है कि जरूरतमंद महिलाओं व लड़कियों को हुनरमंद बनाने का मिशन एक साल पहले शुरू हुआ। इस मिशन को शुरू करने के पीछे भी एक बड़ी वजह थी। एक नूर सेवा केंद्र जरूरतमंद व गरीब मरीजों के इलाज के लिए जाना जाता है। उन्होंने देखा कि केंद्र पर पास इलाज के लिए आने वाले ज्यादातर मरीजों की हालत बेहद दयनीय होती है। परिवार के पुरुष सदस्य के बीमार होने के बाद महिलाओं के लिए परिवार का पालन पोषण करना बेहद कठिन हो जाता है, क्योंकि इनमें से बहुत सी महिलाओं का जीवन तो घर का चूल्हा-चौका संभालने में ही बीता होता है और बाहर काम करने का अनुभव नहीं होता। ऐसे में उन्होंने एनजीओ के सदस्यों के साथ विमर्श करके साल 2016 में वुमेन इंपावरमेंट के तहत इस तरह की महिलाओं को हुनर देकर आत्मनिर्भर बनाने का मिशन शुरू किय
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